Thursday, 13 February 2014

रिश्ते



रिश्ते तो रिश्ते होते हैं,
चाहत हो तो बन जायेंगेI
रिश्ते कोइ मशीन नहि हैं,
तेल डालकर चल जायेगे.
ये कोइ सामान नहि,
जो बाजारो मे मिल जायेगे.
रिश्ते टाइम पास नहि हैं,
मार ठहाका  निकल जायेगे.
रिश्ते काफी चाय नहि हैं,
जंहा जाओगे मिल जायेगे.
रिश्ते तो सपने होतें हैं
जो रिश्तों का मतलब समझे,
वो ग़ैर नही अपने होते हैं
रिश्ते तो  नन्हे पोधे हैं
उठा पटक में टूट जायेंगे
थोड़ा पानी हवा मिली तो ,
गुलशन जैसे खिल जायेगे.....

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